21.1 C
Delhi
Wednesday, March 18, 2026

Buy now

Ads

ऐ ‘सबा’ जज़्ब पे जिस दम दिल-ए-ना-शाद आया

- Advertisement -

ऐ ‘सबा’ जज़्ब पे जिस दम दिल-ए-ना-शाद आया
अपने आग़ोश में उड़ कर वो परी-ज़ाद आया

चश्म-ए-मूसा हमा-तन बन या मैं हैरत से
देखा इक बुत का वो आलम के ख़ुदा याद आया

आशिक़ों से न रहा कोई ज़माना ख़ाली
कभी वामिक़ कभी मजनूँ कभी फरहाद आया

दिल में इक दर्द उठा आँखों में आँसू भर आए
बैठे बैठे हमें क्या जानिए क्या याद आया

बैत-ए-हस्ती के ‘सबा’ हो गए मआनी रौशन
ख़्वाजा आतिश सा ज़माने में जो उस्ताद आया

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
14,700SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles