26.7 C
Delhi
Saturday, March 14, 2026

Buy now

Ads

चाँदनी रात है जवानी भी

- Advertisement -

चाँदनी रात है जवानी भी,
कैफ़ परवर भी और सुहानी भी ।

हल्का-हल्का सरूर रहता है,
ऐश है ऐश ज़िन्दगानी भी ।

दिल किसी का हुआ, कोई दिल का,
मुख्तसर-सी है यह कहानी भी ।

दिल में उलफ़त, निगाह में शिकवे
लुत्फ़ देती है बदगुमानी भी ।

बारहा बैठकर सुना चुपचाप,
एक नग़मा है बेज़बानी भी ।

बुत-परस्ती की जो नहीं कायल
क्या जवानी है वो जवानी भी ।

इश्क़ बदनाम क्यों हुआ ‘रहबर
कोई सुनता नहीं कहानी भी ।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
14,700SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles