39.1 C
Delhi
Thursday, April 30, 2026

Buy now

Ads

एक नन्ही चिड़िया

- Advertisement -

यह कैसा है महावृत्त
जो है अपरिमित

जिसमें व्यास है न त्रिज्या

उसे छूना जितना चाहूँ
उसकी परिधि भी लगती है
तब क्षितिज सी मिथ्या

बिना केंद्र बिंदु के
किस प्रकार से –
खींची है किसने यह
बिना आकार की यह गोलमाल दुनिया

न ओर का पता, न छोर का
फिर भी –
आकाश को भी
अपने परों से ..नाप रही है

हर मन के घोंसलों से ……उड़कर
एक नन्ही चिड़िया

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
14,700SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles