23.1 C
Delhi
Friday, May 8, 2026

Buy now

Ads

प्यारी के नयनाँ हैं जैसे कटारे

- Advertisement -

प्यारी के नयनाँ हैं जैसे कटारे
न सम उस के अंगे कोई हैं धारे

असर तुज मोहब्बत का जिस कूँ चड़ेगा
तेरे लाल बिन उस कूँ कोई न उतारे

दो लोचन हैं तेरे निसंग चोर रावत
ओ नो सूँ दिलेरी न कर सब ही हारे

सुहाता है तुज कूँ गुमाँ होर ग़रूरी
के माते अहे तुज हुस्न के प्यारे

साकियाँ में तू है मिर्ग-नैनी छबेली
सजन तू नहीं होते तुज थे किनारे

अजब चपलख़ाई है तेरी नयन में
के खंजन नमन एक तिल कईं न ठारे

नबी सदक़े ‘कुतबा’ सूँ पद पीवे जम-जम
वो चंद मुख के जिस मुख थे जूती सिंगारे

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
14,700SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles