तू मिले दिल खिले और जीने को क्या चाहिये
तू मिले दिल खिले और जीने को क्या चाहिये
ना हो तू उदास तेरे पास पास मैं रहूँगा ज़िन्दगी भर
ना हो तू उदास तेरे पास पास मैं रहूँगा ज़िन्दगी भर
सारे संसार का प्यार मैं ने तुझी में पाया
तू मिले दिल खिले और जीने को क्या चाहिये
तू मिले दिल खिले और जीने को क्या चाहिये
ग़म है किसे हो सारा जहाँ चाहे दुश्मन हो
क्या चाहिये हाथों में जो तेरा दामन हो
तू है जहाँ मन्ज़िल वहाँ –
तू है जहाँ मन्ज़िल वहाँ –
धड़कनों की तरह अपने दिल में मुझको छुपा लो
तू मिले दिल खिले और जीने को क्या चाहिये
प्यार कभी मरता नहीं हम तू मरते हैं
होते हैं वो लोग अमर प्यार जो करते हैं
जितनी अदा उतनी वफ़ा…