रात–प्यारी रात-नाच
चल रही है आज यादों की पवन–ऐ रात नाच
आसमानों की बहन–ऐ रात नाच
ऐ मेरी देरीना महबूबा, मेरी दिलदार नाच
वहशियों के हाथ की तलवार नाच
इस ज़मीन की सरहदों के पार–नाच
पर्बतों पर नाच, दरयाओं पे नाच
गुलशनों पर नाच, सहराओं पे नाच
दूर के फूलों भरे मधुबन में नाच
रात! मेरे घर मेरे आंगन में नाच
रात–प्यारी रात–आ
चांद तारों की दुलारी रात-आ
दो घड़ी अब दर्द की महफ़िल में नाच
रात! मेरे दिल में नाच

