36.1 C
Delhi
Thursday, May 14, 2026

Buy now

Ads

छनो भर खातिर

- Advertisement -

उनुका लगे ना रहे
कौनो टाट के मड़ई
आ फूंस-मूंजन के खोंता

ऊ चिरई ना रहन
भा कौनो फेंड़-रूख
हरवाहीं से लौटत ऊ एगो मजूर रहन

भसभसा के गिरेला
जइसे पुअरा के छान्हि
धमका भइला से ओही तरी
लूढ़ेरा गइल रहन ऊ
पोखरा के पिंड़ी पर

ओह ! छनो भर खातिर
ऊखी में के लुकाइल दनवा-दूत
बन के देले रहीत आपन बनूक
कुछऊ बन गइल रहितन ऊ
आन्ही-बुनी भा खर-पतवार
तनीको देरि खातिर
बुला हो गइल रहीत मुँहलुकान

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
14,700SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles